Haar ki jeet hindi story

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  Haar ki jeet hindi story हार की जीत की कहानी, (haar ki jeet hindi story) यह कहानी एक हार पर आधारित है जिसके बाद हार जीत में बदल जाती है, हम अगर कोशिश करते है तो हार को भी जीत में बदल सकते है, but यह तब ही संभव है जब आप उसके बारे में सोचते है और उसे पूरा करने के लिए मेहनत करते है तब ही ऐसा होता है, haar ki jeet hindi story गांव की वह प्रतियोगिता हर साल होती थी उसमे हर तरह के गांव से लोग आते थे और प्रतियोगिता को  “जीतने”  की पूरी कोशिश करते थे, जो वह  “जीत”  जाता था उसे विजेता घोषित किया जाता था, उसको इनाम में पुरे गांव में साल भर तक खाना खिलाया जाता था. उसकी सभी जरूरत को ध्यान में रखा जाता था, Because वह प्रतियोगिता को जीत जाता है तभी वह एक विजेता के तोर पर किसी भी गांव सेअपनी जरूरत का सामान ले लिया करता था एक तरह से वह पुरे सालभर राजा की तरह ही रहता था, उसी गांव में एक लड़का जिसका नाम हरी था हरी का अगर हम सवभाव की बात करे तो वह बहुत अच्छा लड़का था मगर वह अकेला गांव में रहता था उसके परिवार में कोई भी नहीं था उसे खाने की समस्या भी बहुत थी Because उसके पास कोई भी ज...

क्या होती है माँ

 क्या होती है माँ 


क्या होती है माँ !
इस काबिल कभी न हो सकता
इसकी ममता का गुणगान करूँ |
अपने लाखों जीवन दे कर भी,
इसके ऋणो का दान करूं ।

क्या होती है माँ !
ये शब्द जितना छोटा है
है प्यापक्ता उतनी गहरी |
भगवान को भी धरती पर आने के लिए ,
लेनी पड़ी कोख की पहरी |
है माँ अथा समंदर
हम छोटी-छोटी बूंदे उसकी
इस समंदर से जुदा होकर,
कहाँ जिन्दगी रहेगी अपनी |

क्या होती है माँ !
है कोख से उसने जन्म दिया
छाती से लगाकर जीवन दानी
सीने पर नन्हे पैरो की चौटे भी उसने है खाई
पैरो की ठोकर पर भी उसने ममता छलकाई है
खुद भूखी सो कर भी हमको खाना खिलाती है
उंगली पकड़कर ही उसने
इसे जग मे चलना सिखलाया है ।

क्या होती है माँ !
इस शब्द का क्या में बखान करूँ !
इस काबिल कभी न हो सकता
इसके ऋणो का दान करूँ |
भगवान भी माँ को पाने की
हमेशा आस लगाए है |
हमारे पास ये अमूल्य धन है फिर भी
इसकी इज्जत न कर पाएँ है |
है लानत अपनी जीवन पर
जो इसका दिल दुखलाया तो
सारी दुनिया से अगर कभी इसके लिए
ना लड़ पाया तो |

क्या होती है माँ !
इसके पैरो तले ही जन्नत है |
जिस घर में माँ होती है
वो स्वर्ग से भी सुन्दर है |
इस शब्द की व्याख्या करने की
मेरी कोई औकात नहीं
मैैैं माँ के बारे में बोलूँ
ये जीवन मेरा काफी नहीं |

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