Haar ki jeet hindi story

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  Haar ki jeet hindi story हार की जीत की कहानी, (haar ki jeet hindi story) यह कहानी एक हार पर आधारित है जिसके बाद हार जीत में बदल जाती है, हम अगर कोशिश करते है तो हार को भी जीत में बदल सकते है, but यह तब ही संभव है जब आप उसके बारे में सोचते है और उसे पूरा करने के लिए मेहनत करते है तब ही ऐसा होता है, haar ki jeet hindi story गांव की वह प्रतियोगिता हर साल होती थी उसमे हर तरह के गांव से लोग आते थे और प्रतियोगिता को  “जीतने”  की पूरी कोशिश करते थे, जो वह  “जीत”  जाता था उसे विजेता घोषित किया जाता था, उसको इनाम में पुरे गांव में साल भर तक खाना खिलाया जाता था. उसकी सभी जरूरत को ध्यान में रखा जाता था, Because वह प्रतियोगिता को जीत जाता है तभी वह एक विजेता के तोर पर किसी भी गांव सेअपनी जरूरत का सामान ले लिया करता था एक तरह से वह पुरे सालभर राजा की तरह ही रहता था, उसी गांव में एक लड़का जिसका नाम हरी था हरी का अगर हम सवभाव की बात करे तो वह बहुत अच्छा लड़का था मगर वह अकेला गांव में रहता था उसके परिवार में कोई भी नहीं था उसे खाने की समस्या भी बहुत थी Because उसके पास कोई भी ज...

इंजीनियरिंग के बाद शुरू की जूता पॉलिश

 

इंजीनियरिंग के बाद शुरू की जूता पॉलिश – Innovative Business Idea 


Innovative business idea hindi story

” संघर्ष में आदमी अकेला होता है| सफलता में दुनिया उसके साथ होती है|जिस – जिस पर ये जग हँसा है, उसी ने इतिहास रचा है|”

ये बात सच कर दिखाई है, मुंबई के ”संदीप गजकस” ने| जिन्होंने अपनी इंजीनियरिंग को छोड़ कर वो काम करने का फैसला लिया, जिसे लोग शायद मजबूरी में भी ना करना चाहे| वो काम है – जूता पोलिशिंग और रिपेयरिंग का|

हाँ ये बात बिल्कुल सच है| संदीप ने देश का पहला जूता पोलिशिंग और रिपेयरिंग का बिज़नेस शुरू किया| उन्होंने अपने यूनिक बिज़नेस आईडिया के कारण शानदार सफलता पाई और देखते ही देखते आज उनकी कम्पनी देश के 10 राज्यों में पंहुच चुकी है|इतना ही नहीं संदीप की कंपनी कई मशहूर बड़े ब्रांड Puma, Reebok, Nike और Fila समेत कई बड़ी कम्पनिया जुड़ी हुई है| | 

विदेश जाने का फैसला बदलकर, शू पॉलिशिंग का बिज़नेस शुरू किया 

Innovative business idea hindi story

इंजीनियरिंग करने के बाद संदीप जॉब के लिए गल्फ जाने की तैयारी कर रहे थे लेकिन उसी समय अमेरिका में 9/11 का आंतकवादी हमला हुआ जिसके बाद संदीप ने विदेश जाने का इरादा छोड़ दिया और शू  लांड्री बिज़नेस शुरू करने का फैसला किया|

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घर वाले नहीं थे खुश

संदीप ने जब ये फैसला अपने परिवार को सुनाया तो उनके घर वाले इस बात से बिल्कुल खुश नहीं थे| जाहिर है वे खुश भी कैंसे होंगे| क्योकि कौनसे माता-पिता ऐसे होंगे जो अपने बेटे को इंजीनियरिंग छोड़ कर जूता रिपेयरिंग और पॉलिशिंग करते हुए देखना चाहेंगे|

लेकिन फिर भी संदीप पूरी दुनिया की आवाज को अनसुना करके अपने दिल की सुनी| संदीप ने 12000 रूपये खर्च कर बिज़नेस शुरू किया और बाथरूम को वर्कशॉप बना कर दोस्तों और रिश्तेदारों के जूते पॉलिश और रिपेयरिंग करने का काम शुरू किया| धीरे-धीरे उनकी मेहनत संघर्ष की और बढ़ने लगी| उन्होंने संघर्ष जारी रखा और धीरे-धीरे उनका संघर्ष सफलता में बदल गया|    

पुराने जूतों को बिल्कुल नया बनाने के इनोवेटिव तरीके खोजे 

खुद संदीप कहते है – “मैंने सबसे ज्यादा समय अपनी रिसर्च पर दिया| क्योंकि मैं कुछ ऐसे इनोवेटिव तरीके खोज रहा था, जो पुराने जूतों को एकदम नया बना दे, इसलिए मैंने पहले फ़ैल होना सीखा और वो तरीके खोजे जो मुझे नहीं करने चाहिए थे| और आखिरकार मैंने 2003 में देश की पहली ‘ The Shoe Laundry Company ‘ शुरू की|

Sandeep Gajakas Hindi Story

सालाना टर्नओवर 2 करोड़ से ज्यादा 

संदीप ने ये कम्पनी 2003 में शुरू की थी| और संदीप की मेहनत और काबिलियत के कारण आज उनकी कम्पनी का सालाना टर्नओवर 2 करोड़ से ज्यादा है| इतना ही नहीं वो अपनी फ्रेंचाइजी को भी बेच रहे है| आज उनकी फ्रेंचाइजी मुंबई, पुणे, गोरखपुर समेत कई शहरों में खुल चुकी है| और ये तेजी से बढ़ती भी जा रही है|

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